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प्रबल चाह खुशहाली नव उत्साह इंसानियत की चाह शांति-चैन इंसान ए आम हूँ संतुष्टि की चाह खुश रहने की चाह बदले में अविरल सतत् प्रवाह चाह में चाहत जीवन की राह परिश्रम और पैसा बेचैनी और अशांति मुक्तक नि:स्वार्थ भावों घेर लेते पैसा बनता सहायक निज जीवन बहु रोग

Hindi चाह बढाना Quotes